Saturday, June 13, 2026
spot_img

यूपी कैबिनेट ने लिए 35 फैसले: गेहूं एमएसपी 2585

लखनऊ, (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 37 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया गया। बैठक में किसानों, ऊर्जा, शहरी विकास और औद्योगिक निवेश से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिन्हें राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने फैसलों की जानकारी दी। श्री शाही ने कहा कि किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया है। प्रदेश में गेहूं की खरीद 30 मार्च से 15 जून तक की जाएगी और इसके लिए 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि किसानों को उतराई, सफाई आदि के लिए 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त भुगतान भी दिया जाएगा। इस बार 30 लाख टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 50 लाख टन तक खरीद का अनुमान है।
कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि ऊर्जा क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। घाटमपुर में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड स्थित कोल ब्लॉक के विकास हेतु 2242.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
श्री शर्मा ने बताया कि इस परियोजना से 270 मिलियन टन कोयला उत्पादन का अनुमान है और बिजली दरों में करीब 80 पैसे प्रति यूनिट तक कमी आने की संभावना जताई गई है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी पहल की गई है। चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 80 एकड़ क्षेत्र उपलब्ध कराया गया है।
उन्होंने बताया कि शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने ‘नवयुग नगर पालिका योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रदेश के 58 शहरों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 55 नगर पालिका परिषद और 3 नगर पंचायत शामिल हैं।
श्री शर्मा ने बताया कि 145 करोड़ रुपये की लागत से पांच वर्षों में लागू होने वाली इस योजना में 1.5 लाख से अधिक आबादी वाले 24 निकायों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, वन डे गवर्नेंस सेंटर, थीम पार्क और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, साथ ही प्राचीन धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कैबिनेट ने छोटे उद्योगों हेतु पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक शेड विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत डेवलपर को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, जो शेड तैयार कर उन्हें किराए पर देगा।
श्री कुमार ने बताया कि इसके अलावा संभल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक सेंटर और ग्रेटर नोएडा (बुढ़ाकी) में 174.12 एकड़ क्षेत्र में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित करने को भी मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार, सरकार ने निजी बिजनेस पार्क विकास योजना को भी हरी झंडी दे दी है। इस योजना के माध्यम से सेवा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य है। इन फैसलों के जरिए राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने, ऊर्जा उत्पादन को मजबूत करने, शहरों के आधुनिकीकरण और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में व्यापक पहल की है।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles