(24x7newstime Correspondent)
नयी दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षिक मानदंडों का पालन सुनिश्चित करने के समन्वित प्रयासों के तहत बुधवार को असम, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली सहित छह राज्यों के 10 स्कूलों में औचक निरीक्षण किया।
सीबीएसई सचिव हिमांशु गुप्ता की ओर से जारी बयान के मुताबिक इस बाबत दस अलग-अलग टीमें तैनात की गईं जिनमें से प्रत्येक में एक सीबीएसई अधिकारी और एक बोर्ड से संबद्ध स्कूल के प्रिंसिपल शामिल थे। उन्होंने बताया कि सभी निरीक्षण एक साथ, एक ही समय में किये गये ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आकस्मिक निरीक्षण की स्थिति बनी रहे तथा निरीक्षण किए गए स्कूलों के कामकाज और संचालन के बारे में सटीक जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण का प्राथमिक उद्देश्य यह जांच करना, पता लगाना और सुनिश्चित करना था कि क्या स्कूल बोर्ड के मानदंडों के अनुरूप काम कर रहे हैं । वे शैक्षणिक और भौतिक बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के साथ ही अनुपस्थित छात्रों को दाखिला तो नहीं दे रहे हैं।
सीबीएसई ने चेतावनी दी कि निरीक्षण टीमों के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने उच्च शैक्षिक मानकों को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी नीति उल्लंघन के मामले में सख्त कदम उठाए जाएँगे।
बोर्ड ने उन स्कूलों के नाम जारी किए जहाँ औचक निरीक्षण किए गए। ये स्कूल हैं; इंटरनेशनल स्कूल (गुवाहाटी, असम), स्प्रिंग डेल इंटरनेशनल स्कूल (बेहरबारी चराली, असम), राजिंद्र पब्लिक स्कूल (दिल्ली), श्री राम ग्लोबल स्कूल (व्हाइटफील्ड, कर्नाटक), संस्कार पब्लिक स्कूल (नौगांव, मध्य प्रदेश), किडीज़ कॉर्नर हायर सेकेंडरी स्कूल (ग्वालियर, मध्य प्रदेश), आदित्य इंग्लिश मीडियम स्कूल (पुणे, महाराष्ट्र), दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल (नेरुल, महाराष्ट्र), क्रिमसन अनिशा ग्लोबल स्कूल (पुणे, महाराष्ट्र) और जुपिटर पब्लिक स्कूल (ओडिशा)।





