कोलकाता (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने रविवार को हुई मतगणना में अपने निकटतम उम्मीदवार मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के शंभुनाथ कुर्मी को एक लाख से अधिक मतों से पराजित कर दिया।
इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे लेकिन उन्होंने मतदान से 48 घंटे पहले ही चुनाव से हटने का ऐलान कर दिया था। ऐसे में वे सीधे मुकाबले में नहीं रह गए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत पर सोशल मीडिया पर जारी अपनी प्रतिक्रिया कहा,”फाल्टा की जनता ने अपनी राय ज़ाहिर कर दी है! लोकतंत्र की जीत हुई है और डराने-धमकाने की कोशिशें नाकाम रही हैं।” उन्होंने श्री पांडा को बधाई देते हुए कहा कि यह पश्चिम बंगाल की जनता के भाजपा में अटूट विश्वास का प्रमाण है।
श्री पांडा को कुल 1,49,666 मत प्राप्त हुए जबकि दूसरे स्थान पर रहे श्री कुर्मी को कुल 40,645 वोट मिले। इस तरह श्री पांडा की जीत का अंतर 1,09,021 मतों का रहा। तीसरे स्थान पर कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्लाह रहे। उन्हें 10,084 वोट पड़े जबकि मैदान छोड़ चुके श्री खान को 7783 मत डाले गए। निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रकांत रॉय को 983 वोट और दीप हाती को 247 वोट मिले। वहीं, क्षेत्र के 784 मतदाताओं ने किसी भी उम्मीदवार पर भरोसा न जताते हुए ‘नोटा’ का बटन दबाया।
यह विधानसभा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। यहां से तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी सांसद हैं। इसलिए इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस का दबदबा माना जाता रहा है।
राज्य में 29 अप्रैल को हुए मतदान में इस सीट पर भी वोट डाले गये थे लेकिन गड़बड़ी के आरोपों के कारण यहां मतदान रद्द कर दिया गया। इसके बाद 21 मई को दोबारा मतदान हुआ और 88 प्रतिशत लोगों ने अपने मत डाले। इस जीत के साथ ही पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों में से भाजपा के पास 208 सीटें हो गयी हैं।
इस जीत के ऐलान के कुछ ही मिनटों बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। एक लंबे सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मतदाताओं से एक लाख मतों से जीत सुनिश्चित करने की अपील की थी तथा भाजपा उम्मीदवार ने अंततः 1.09 लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने परिणाम आने के बाद केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की आलोचना की और इस उपचुनाव में बड़े पैमाने पर चुनावी हेरफेर, डेटा हैकिंग और गड़बड़ियों का आरोप लगाया। सुश्री बनर्जी ने सवालिया तरीके से कहा, “क्या यह सचमुच कोई चुनाव था या महज एक ढोंग?” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने चुनावी डेटा में हेरफेर किया है। श्री बनर्जी ने मतगणना की गति और संचालन पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतगणना के सभी 21 दौर दोपहर 3.30 बजे तक पूरे कर लिए गए, जबकि चार मई को विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान कई अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में इसी समय तक केवल दो से चार दौर की गिनती ही पूरी हो सकी थी।





