Tuesday, June 2, 2026
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लोकसेवकों के लिए सर्वाधिक डिजिटल प्रशिक्षण कोर्स तैयार करने वाला पहला राज्य बना मध्यप्रदेश

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
भोपाल। मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत लोक सेवकों की कार्यदक्षता बढ़ाने उन्हें डिजिटल लर्निंग प्लेटफार्म आईगाट (iGOT) पोर्टल पर पंजीकृत कर लिया गया है। अभी तक 3 लाख 34 हजार लोक सेवकों को आवश्यक विषयों में प्रशिक्षण भी आवंटित किया गया जा चुका है।
मध्यप्रदेश सर्वाधिक डिजिटल प्रशिक्षण आईगाट (iGOT) पोर्टल पर निर्मित करने वाला पहला राज्य बन गया है और सबसे अधिक लोकसेवकों को आईगाट (iGOT) पोर्टल पर पंजीकृत करने वाला तीसरा राज्य है। सभी राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमियों में म.प्र. की आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी अपने प्रयासों में अग्रणी अकादमी है। आईगाट – iGOT पोर्टल पर 1800 से अधिक अंग्रेजी तथा आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल द्वारा तैयार 200 से अधिक हिंदी के प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा लोकसेवकों की कार्यक्षमता बढ़ाने और उनको नागरिक केन्द्रित होकर कर्मयोगी के रूप में दक्षतापूर्वक अपनी भूमिका निभाने मिशन कर्मयोगी वर्ष 2020 में लागू किया गया था। यह आनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करने का ऐसा प्लेटफार्म है जिसके माध्यम से सरकारी अधिकारी-कर्मचारी कहीं भी – कभी भी – किसी भी स्थान से अपनी सुविधानुसार स्व-प्रशिक्षित हो सकते हैं। वे अपनी दक्षता और ज्ञान बढ़ाने अपने विभाग से संबंधित विषयों पर उपलब्ध पाठयक्रमों में प्रशिक्षित हो सकते हैं। इसके अलावा अपनी रूचि अनुसान अन्य विभागों के लिए बने पाठयक्रमों में भी प्रशिक्षित हो सकते हैं।
यह प्रशिक्षण सभी विभागों में कार्यरत विभिन्न कैडर्स के लोक सेवकों के लिए प्रासंगिक है। इनमें एनपीएस, सिविल सेवा आचरण नियम, यात्रा भत्ता नियम, भंडार क्रय नियम, आरटीआई, ई-ऑफिस, जैसे अन्य कई विषयों पर पाठ्यक्रम बनाए गए हैं, जिन पर लोक सेवक प्रशिक्षित हो सकते हैं। साथ ही सभी विभागों की कार्यप्रणाली से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यों पर विभिन्न डिजिटल पाठ्यक्रम निर्मित किए गए हैं, जिनसे अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यस्थल पर ही प्रशिक्षण प्राप्त कर दक्ष हो सकें। अकादमी के महानिदेशक, सचिन सिन्हा के नेतृत्व में आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी द्वारा 15 से 19 सितम्बर तक सभी विभागों में कर्मयोगी आईगाट (iGOT)पर सीखें सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 15 सितम्बर को इसका शुभारंभ किया जाना प्रस्तावित है।
क्षमता निर्माण आयोग से मिले इनपुट को शामिल कर बनी क्षमता निर्माण नीति लागू करने में मध्यप्रदेश अग्रणी है। सभी विभागों में क्षमता निर्माण इकाइयाँ स्थापित हो गई हैं और प्रशिक्षण की आवश्यकता का विश्लेषण करने के बाद कैडर-वार क्षमता निर्माण कार्य योजनाएँ तैयार की जा रही हैं। विभागों में क्षमता निर्माण प्रबंधकों की सेवाएँ लेने का भी प्रावधान है। उन्हें क्षमता निर्माण इकाइयों द्वारा सहयोग दिया जायेगा। क्षमता निर्माण प्रबंधकों द्वारा वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की जाएंगी।
विभिन्न विभागों में कार्यरत मानव संसाधन की दक्षता दर्शाने वाला एक डैशबोर्ड तैयार किया गया है, जिससे माध्यम से मुख्यमंत्री कुशल कर्मचारियों की उपलब्धता की स्थिति जान सकेंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति हर 6 महीने में कर्मचारियों के प्रशिक्षण के संबंध में विभागों के प्रदर्शन पर निगरानी रखेगी, जबकि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति क्षमता निर्माण परिषद हर वर्ष इसकी समीक्षा करेगी।
मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाना और उनकी क्षमता में निरंतर सुधार करना है। कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश क्षमता निर्माण नीति के अनुसार पदोन्नति के लिए प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। क्षमता निर्माण नीति 2023 प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक विभाग में वेतन बजट का एक प्रतिशत अनिवार्य रूप से कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर खर्च किया जायेगा। यदि अधिक आवश्यकता हुई तो वित्त विभाग की अनुमति से इसे 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इससे प्रत्येक कर्मचारी को आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
कर्मचारी से कर्मयोगी की ओर बदलाव की यह पहल है। इससे नियम आधारित मॉडल से भूमिका आधारित माडल बनाने की यात्रा शुरू हो गई है। यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। प्रशिक्षण की निरंतर आवश्यकता के मूल्यांकन के साथ वार्षिक क्षमता निर्माण प्लान बनाना आवश्यक हैं। कर्मचारियों के लिए भूमिकाओं, गतिविधियों और दक्षताओं की रूपरेखा बनाना अब अनिवार्य है। सेल्फ लर्निंग पोर्टल आईगाट के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नई क्षमता निर्माण योजना में कर्मचारियों की भूमिका को अधिक सार्थक और उपयोगी बनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने अपनी क्षमता निर्माण नीति को डिजाइन करने और लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाई है, जिसमें क्षमता निर्माण आयोग के इनपुट शामिल हैं।

 

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