Tuesday, June 2, 2026
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एशियाई शेर दुनिया में कहीं मौजूद हैं तो गुजरात के गिर में

(24x7newstime Correspondent)
देवभूमि द्वारका। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने गुजरात में देवभूमि द्वारका जिले के बरडा वन्यजीव अभयारण्य में विश्व शेर दिवस-2025 समारोह में रविवार को कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव की बात है कि यदि एशियाई शेर आज दुनिया में कहीं मौजूद हैं, तो वह गुजरात के गिर में है। श्री यादव ने कहा कि हमारे अथक संरक्षण प्रयासों ने पिछले एक दशक में उनकी आबादी को दोगुना कर दिया है, जिससे वैश्विक वन्यजीव संरक्षण की आशा जगी है। आइए, आज का उद्घाटन सभी को इस भव्य पशु की रक्षा के लिए प्रेरित करें, जो गुजरात की विरासत और भारत की पारिस्थितिक शक्ति का सच्चा प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भारत में शेरों की संख्या में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की, जो 2020 में 674 से बढ़कर 891 हो गई है। उन्होंने आगे कहा,‘‘एशियाई शेर (पैंथेरा लियो पर्सिका) सफल वन्यजीव संरक्षण का एक वैश्विक प्रतीक है, और इस विश्व शेर दिवस पर, हम उनकी वृद्धि का जश्न मना रहे हैं। 1990 में केवल 284 शेरों से बढ़कर, 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 891 हो गई है, जो 2020 से 32 प्रतिशत और पिछले एक दशक में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।’’
मंत्री ने इसे ‘संरक्षण की आश्चर्यजनक सफलता’ बताते हुए, इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया, जिन्होंने पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट लायन को कार्य का प्राथमिक क्षेत्र बनाया।केंद्रीय मंत्री ने इस सफलता की कहानी में उनकी भूमिका के लिए प्रत्येक वन अधिकारी, वन्यजीव प्रेमी और पर्यावरण प्रेमी को बधाई दी। उन्होंने कहा,‘‘यह जानकर खुशी हो रही है कि यह प्रगति सामूहिक इच्छाशक्ति, समर्पण और सह-अस्तित्व पर आधारित नीतियों से ही संभव हो पाई है।’’मंत्री ने एक ऐसे विकसित भारत के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, जहां मानव और वन्यजीव एक साथ फल-फूल सकें तथा यह सुनिश्चित हो कि संरक्षण की गति आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जारी रहे।

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