Tuesday, June 2, 2026
spot_img

यूक्रेन से रुस युद्ध जीत चुका है : विक्टर ओर्बन

(24x7newstime Correspondent/Agency)
बुडापेस्ट। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में बैठक से पहले हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने दावा किया है कि रूस पहले ही यूक्रेन युद्ध जीत चुका है। अब पश्चिमी देशों को इस सच्चाई को स्वीकार कर लेना चाहिए।
श्री ओर्बन ने अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में यह हलचल मचा देने वाला बयान दिया है। उन्होंने हर स्तर पर यूक्रेन की मदद करने की यूरोपीय संघ (ईयू) की घोषणा की कड़ी आलोचना करते हुए ट्रंप-पुतिन बैठक में वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की की उपस्थिति की यूरोपीय संघ की मांग को भी खारिज किया।
श्री ओर्बन ने यूरोपीय संघ के बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया और कहा कि यूरोप किसी पर भी अपनी शर्तें थोपने की स्थिति में नहीं है, खासकर जब अलास्का शिखर सम्मेलन में किसी भी यूरोपीय नेता को आमंत्रित नहीं किया गया।
‘पैट्रियट’ यूट्यूब चैनल से बात करते हुए हंगरी के प्रधानमंत्री ने कहा “यूक्रेन युद्ध अब खुला संघर्ष नहीं रहा। रूस युद्ध जीत चुका है। सवाल सिर्फ इतना है कि पश्चिमी समर्थक देश इसे कब मानेंगे और इसके क्या परिणाम होंगे।” उन्होंने यूरोपीय संघ में यूक्रेन की सदस्यता का भी विरोध किया, यह तर्क देते हुए कि इससे हंगरी के किसानों और अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा। साथ ही, श्री ओर्बन ने कहा कि यूरोप ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में श्री पुतिन से वार्ता का अवसर गंवा दिया, और अब यह खतरा है कि यूरोप का भविष्य उसकी भागीदारी के बिना ही तय हो जाएगा।
प्रधानमंत्री ओर्बन ने यूरोपीय नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा, “जब दो नेता (अमेरिकी और रूसी) आपस में बातचीत करने बैठते हैं… और आपको वहाँ आमंत्रित नहीं किया जाता तो आप फ़ोन पर बात करने के लिए दौड़ते नहीं हैं, आप इधर-उधर नहीं भागते, आप बाहर से चिल्लाते नहीं हैं।”
ओर्बन ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा “अगर आप बातचीत की टेबल पर नहीं हैं, तो आप मेनू में हैं।” उन्होंने यूक्रेन पर यूरोपीय संघ के संयुक्त बयान को भी खारिज किया और कहा कि यह यूरोप को “हास्यास्पद और दयनीय” बनाता है। 2010 से सत्ता में बने हुए ओर्बन यूरोप में उन गिने-चुने नेताओं में से हैं, जिन्होंने रूस के साथ अपने रिश्ते बनाए रखे हैं। 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद भी हंगरी ने श्री पुतिन से दूरी नहीं बनाई और अपनी अधिकांश ऊर्जा आपूर्ति रूस से ही ली। साथ ही, हंगरी ने यूक्रेन को हथियार भेजने से भी साफ इनकार किया है।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles