(24×7 न्यूजटाइम संवाददाता)
नयी दिल्ली। भारत और अमेरिका ने व्यापारिक मोर्चे पर चल रहे तनाव के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की है जिसमें नए दस-वर्षीय रक्षा फ्रेमवर्क पर सहमति बनाकर जल्द हस्ताक्षर करना शामिल है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि दोनों देशों के बीच सोमवार को वर्चुअल माध्यम से टू प्लस टू अंतर-सत्रीय वार्ता हुई। विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू काकनूर और रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) विश्वेश नेगी ने दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के ब्यूरो की अमेरिकी वरिष्ठ ब्यूरो अधिकारी बेथानी पी. मॉरिसन और हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के कार्यवाहक सहायक रक्षा सचिव जेडीडिया पी. रॉयल के वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों देशों के अधिकारियों ने वार्ता के माध्यम से द्विपक्षीय पहलों को आगे बढ़ाया, क्षेत्रीय सुरक्षा विकास पर चर्चा की और कई साझा रणनीतिक प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, जिसमें असैन्य-परमाणु सहयोग को मजबूत करना, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, मादक पदार्थों और आतंकवाद-रोधी सहयोग आदि पर चर्चा की।
दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग बढ़ाने की आशा व्यक्त की जिसमें भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी के लिए एक नए दस-वर्षीय फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर करना, साथ ही रक्षा औद्योगिक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाना, परिचालन समन्वय, क्षेत्रीय सहयोग और सूचना-साझाकरण शामिल है। प्रतिभागियों ने 21वीं सदी और उसके बाद के लिए भारत-अमेरिका कॉम्पैक्ट तंत्र के तत्वावधान में इन क्षेत्रों में हुई प्रगति को और आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों देशों ने क्वाड के माध्यम से सुरक्षित, मजबूत और अधिक समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।





