Tuesday, June 2, 2026
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नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता उग्र, कई नेताओं के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी, 30 की मौत, प्रधानमंत्री समेत सभी मंत्री देश छोड़ भागे

भारत ने नेपाल जाने वाली हवाई सेवा को बंद करने के साथ नागरिकों से नेपाल न जाने की अपील की

(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)
काठमांडू। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के बाद युवाओं में उपजे भारी आक्रोश तथा उग्र प्रदर्शनों और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया।
देश भर में दो दिनों से कई जगहों पर तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं हैं। उग्र भीड़ ने कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय सिंह दरबार, संघीय संसद, सर्वाेच्च न्यायालय, विशेष न्यायालय, महान्यायवादी कार्यालय और शीर्ष राजनीतिक नेताओं के घरों और कार्यालयों में आगजनी और तोड़फोड़ की। इन प्रदर्शनकारियों को जेनरेशन जेड या जेन जेड कहा जा रहा है। जेन जेड से आशय युवा पीढ़ी से है।
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत के लिए आगे आने का आह्वान किया है। राष्ट्रपति के निजी सचिव ने बताया कि श्री पौडेल ने प्रदर्शनकारी पक्षों से बातचीत करने का आग्रह किया है।
प्रशासन और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मृतकों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की और घायलों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए एक संयुक्त अपील जारी करके कहा है, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, इसलिए हम सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और जान-माल को और नुकसान से बचाने का आग्रह करते हैं। इसमें आगे कहा गया है कि ष्हम सभी संबंधित पक्षों से राजनीतिक बातचीत के माध्यम से शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का भी आह्वान करते हैं। कांतिपुर समाचार पत्र ने बताया है कि इस पर अपील पर सेना और शासन के बड़े अधिकारियों के दस्तखत हैं। इनमें नेपाल सरकार के मुख्य सचिव एकनारायण आर्यल, सेनाध्यक्ष, नेपाली सेना अशोक राज सिगदेल, गृह सचिव गोकर्णमणि दुवादी और अन्य वरिष्ठ लोग शामिल हैं। इन अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्थिति को स्थिर करने और आगे किसी भी प्रकार की हताहत या संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए नागरिकों का सहयोग और सभी पक्षों का संयम अत्यंत महत्वपूर्ण है।
काठमांडू मेयर और लोकप्रिय नेता बालेंद्र ने भी लोगों से संयम बरतने की अपील की है। एक फेसबुक पोस्ट में, मेयर शाह ने स्वीकार किया कि चल रहे प्रदर्शन ष्पूरी तरह से जेनरेशन ज़ेड का आंदोलनष् हैं और इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार का इस्तीफ़ा पहले ही मिल चुका है। उन्होंने लिखा, ष्प्रिय जेनरेशन ज़ेड, सरकार के इस्तीफ़े की आपकी माँग मान ली गई है। अब संयम बरतने का समय है।ष्
देश में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ सोमवार को कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे। प्रदर्शनकारी कई स्थानों पर उग्र हो गए और उन्होंने आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया। पुलिस की कार्रवाई में कल 20 लोगों की मौत हो गई थी और 350 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद कई मंत्रियों ने इस्तीफे दे दिए थे। इनमें गृहमंत्री रमेश लेखक और चार अन्य मंत्री शामिल थे।
देश मेें कई जगहों पर उपद्रव की खबरें लगातार आ रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने नेपाली कांग्रेस के प्रमुख शेर बहादुर देउबा और विदेश मंत्री आरजू राणा पर भी हमला करके घायल कर दिया।
गंभीर हालात देखते हुए काठमांडू हवाई अड्डे से सभी उड़ानें स्थगित कर दी गई हैं। त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ने आज रात सभी उड़ानें स्थगित कर दी हैं। हवाई अड्डे के आसपास और रनवे पर धुआँ दिखाई देने के कारण हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया।
भारत ने नेपाल के सभी पक्षों को संयम बरतने और समस्या का शांतिपूर्ण हल निकालने की अपील की है। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर नजदीकी से नजर बनाए हुए है। ऑस्ट्रेलिया, फ़िनलैंड, फ़्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका ने नेपाल में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। एक संयुक्त बयान में इन देशों ने कहा, ष्हम काठमांडू और नेपाल के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा, जिसमें प्रदर्शनों के दौरान हुई जान-माल की दुखद हानि और घायलों की संख्या भी शामिल है, से बेहद दुखी हैं। हम पीड़ितों के परिवारों और सभी प्रभावित लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
इससे पहले श्री ओली ने देश में जारी उग्र प्रदर्शन, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा, ष्देश में व्याप्त असाधारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए और संवैधानिक राजनीतिक समाधान और समस्या के हल की दिशा में आगे के प्रयासों को सुविधाजनक बनाने के लिए, मैं तत्काल प्रभाव से प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देता हूं।
श्री ओली ने 15 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभाला था। इससे पहले भी वह अक्टूबर 2015 से अगस्त 2016 और फरवरी 2018 से जुलाई 2021 तक पद पर रह चुके थे। बतौर प्रधानमंत्री यह उनका चौथा कार्यकाल था।
उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल के शक्ति परीक्षण के दौरान प्रतिनिधि सभा का विश्वास हासिल करने में विफल रहने के बाद राष्ट्रपति ने नयी सरकार बनाने के लिए बुलाया था। श्री ओली ने अपने समर्थन में 166 सांसदों के हस्ताक्षर प्रस्तुत किए थे। कुल 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में सरकार बनाने के लिए न्यूनतम 138 सदस्यों की आवश्यकता होती है। इनमें नेपाली कांग्रेस के 88 और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी – यूनाइटेड मार्क्सवादी-लेनिनवादी ( यूएमएल) के 78 सदस्य थे।
उन्होंने भारत के साथ नेपाल के पारंपरिक रूप से घनिष्ठ व्यापारिक संबंधों के विकल्प के रूप में चीन के साथ संबंधों को मजबूत किया।

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