कोलकाता(24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने सोमवार को अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार कर 35 नये मंत्रियों को शामिल किया है। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की कुल संख्या 41 हो गयी है।
विधानसभा चुनाव में पहली बार भारी बहुमत से जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने नौ मई को राज्य में सरकार गठित की थी। उस दिन श्री अधिकारी ने यहां ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ पांच अन्य मंत्रियों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक ने भी शपथ ली थी।
राज्यपाल आर. एन. रवि ने आज पूर्वाह्न 35 नये मंत्रियों को लोक भवन में आयोजित समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। इनमें 13 कैबिनेट मंत्री, 19 राज्य मंत्री और तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री बनाये गये हैं।
शपथ लेने वालों में तापस रॉय (मानिकतला), दीपक बर्मन (फालाकाटा), जगन्नाथ चट्टोपाध्याय (सूरी), शरद्वत मुखोपाध्याय (राजारहाट-न्यू टाउन), स्वपन दासगुप्ता (रासबिहारी), सजल घोष (बारानगर), शंकर घोष (सिलीगुड़ी), अर्जुन सिंह (नोआपारा), अशोक डिंडा (मयना),इंद्रनील खान (बेहाला पश्चिम), मालती रावा रॉय (तूफानगंज) और राजेश महतो (गोपीबल्लभपुर) के साथ कई अन्य विधायक शामिल हैं। औसग्राम की कलिता माझी और कांदी की गार्गी घोष दास ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
कैबिनेट मंत्रियों में दीपक बर्मन,तापस रॉय, शंकर घोष, मनोज उरांव, अर्जुन सिंह, गौरीशंकर घोष, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, स्वपन दासगुप्ता, कल्याण चक्रवर्ती, दूधकुमार मंडल, अजय पोद्दार, सजल घोष और अरूप कुमार दास शामिल हैं। इंद्रनील खान, मालती रावा रॉय और राजेश महतो को स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है।
राज्य मंत्रियों में जुएल मुर्मू, हरेकृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नादियाचंद बाउरी, बिशाल लामा,दिवाकर घरामी, शांतनु प्रमाणिक,पूर्णिमा चक्रवर्ती, मौमिता बिस्वास मिश्रा, गार्गी घोष दास, उमेश राय, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, कलिता माझी, बिराज बिस्वास, दीपांकर जेना, सुमाना सरकार और अमिया किस्कू शामिल हैं।
भाजपा ने राज्य विधानसभा की 294 सीटों में से 208 सीटों पर जीत हासिल की थी। श्री अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कई केन्द्रीय मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के शासन वाले राज्याें के मुख्यमंत्री तथा अन्य नेता शामिल हुए थे।





