Tuesday, June 2, 2026
spot_img

ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करवाने पर नहीं मिलेगा एक भी पैसा

नयी दिल्ली (24×7न्यूजटाइम संवाददाता)। ट्रेन खुलने से आठ घंटे पहले तक टिकट रद्द करवाने पर यात्रियों को अब एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा।
भारतीय रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी को रोकने को लेकर ट्रेनों के टिकट को रद्द करवाने के नियम सख्त कर दिया है। इसकी घोषणा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को यहां की। उन्होंने ट्रेन टिकट को लेकर नये नियमों की घोषणा करते बताया कि अब अगर कोई यात्री ट्रेन खुलने से आठ घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तो उसे कोई रिफंड नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले यह अवधि चार घंटे की थी, जिसे बढ़ाकर अब आठ घंटे कर दिया गया है। वहीं यदि कोई यात्री ट्रेन खुलने से 24 से आठ घंटे के बीच टिकट रद्द करवाता है, तो उसे टिकट की कुल राशि का 50 प्रतिशत पैसा ही वापस मिलेगा।
रेल मंत्री ने बताया कि इसके अलावा कोई व्यक्ति ट्रेन खुलने से 72 घंटे से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द करवाता है, तो उसके टिकट की कुल राशि में से 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा, लेकिन यदि कोई व्यक्ति ट्रेन खुलने से 72 घंटे से पहले टिकट रद्द करवाता है, तो उसके मामूली शुल्क ही देना पड़ेगा यानी उसकी पूरी राशि वापस की जाएगी।
उन्होंने बताया कि ट्रेन टिकट को लेकर एक और बदलाव किया गया है, उसके मुताबिक अब यात्री ट्रेन खुलने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन (चढ़ने वाले स्टेशन) भी बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि मान लीजिए कि ट्रेन नयी दिल्ली से खुलता है और किसी व्यक्ति ने यहां से टिकट आरक्षित करवाया है, लेकिन वह नयी दिल्ली से न चढ़कर गाजियाबाद या किसी अन्य स्टेशन से चढ़ना चाहता है, तो वह इसमें बदलाव कर सकता है।
उन्होंने बताया कि यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट, एप या रेलवे काउंटर के जरिए अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग स्टेशन बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे।
श्री वैष्णव कहा कि यह बदलाव इसलिए किये गये है, ताकि एजेंट और दलाल टिकटों की जमाखोरी न कर सकें। नये नियम एक से 15 अप्रैल के बीच अलग-अलग चरण में लागू होंगे।
उन्होंने कहा कि ये बदलाव दलालों के पैटर्न को देखते हुए किये गये हैं। अक्सर दलाल अतिरिक्त टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन खुलने से ठीक पहले रद्द करवा कर राशि वापस ले लेते थे। उन्होंने कहा कि रिफंड के नियमों को सख्त करने से दलालों द्वारा टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ (टिकट दबाकर रखना) कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
रेल मंत्री ने बताया कि ट्रेन टिकट को लेकर एक और बदलाव किया गया है। इस बदलाव के अनुसार यात्री रेलवे काउंट से लिये गये टिकट को अब किसी भी और कहीं रेलवे काउंटर पर जाकर रद्द करवा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले यह नियम था कि यात्री जिस स्टेशन से टिकट लेते थे, वहीं पर जाकर उसे रद्द करवा पड़ता था, लेकिन अब वह इसे कहीं भी रद्द करवा सकते हैं।
श्री वैष्णव ने बताया कि मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिये लिया गया टिकट कंफर्म नहीं होने पर स्वतः रद्द हो जाता है और राशि यात्री के खाते में चली जाती है, लेकिन काउटंर से लिये गये टिकट को रद्द करवाने के मामले में यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी को देखते हुए और यात्रियों को सहुलियत देने के लिए यह बदलाव किया गया है।

spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles